श्रावण में श्याम तुम्हें
भजन शैली : पारंपरिक श्रीकृष्ण भजन समय : 5–6 मिनट ताल : कहरवा (8 मात्रा) लय : मध्यम BPM : 72–76 वाद्ययंत्र : • हारमोनियम • ढोलक • तबला • मंजीरा • बांसुरी • तानपुरा •
Criado por: TextSongAI
Criado em: 31 de jul. de 2026
Duração: 3:40
श्रावण में श्याम तुम्हें पुकारूँ, तेरे चरणों में शीश मैं वारूँ। जीवन की नैया तुम ही संभालो, हे नंदलाला, दर्शन दे डालो॥ (अंतरा 1) तेरे नाम का दीप जलाऊँ, हर पल तेरा गुण मैं गाऊँ। मन के मंदिर आओ कन्हैया, तेरे बिना मैं किसे बुलाऊँ॥ राधे-राधे नाम सुहाना, हर ले मन का दर्द पुराना। दीनों के तुम सदा सहारे, भर दो प्रेम का अमृत प्याला॥ (मुखड़ा) श्रावण में श्याम तुम्हें पुकारूँ, तेरे चरणों में शीश मैं वारूँ। जीवन की नैया तुम ही संभालो, हे नंदलाला, दर्शन दे डालो॥ (अंतरा 2) मोर मुकुट सिर शोभा पावे, मुरली मधुर सुरों को गावे। यमुना तट की प्यारी लीलाएँ, सुनते-सुनते मन हरषावे॥ गोकुल-वृंदावन के स्वामी, सब पर करते कृपा अनामी। जिसने तेरा नाम है जापा, उसकी बिगड़ी बात बनाई॥ (अंतरा 3) झूठी दुनिया, झूठे मेले, साथ न जाए धन के ढेले। तेरा नाम ही साथ रहेगा, जब छूटेंगे जग के मेले॥ पाप सभी पल में मिट जाएँ, तेरे चरण जो मन अपनाएँ। भक्ति का दीप सदा जलाना, यही प्रभु तुम मुझको सिखलाएँ॥ (अंतरा 4) दुख की धूप जब भी सताए, तेरा नाम ही राह दिखाए। अँधियारे में ज्योति बनकर, श्याम हमारे पास तू आए॥ करुणा सागर, दीन दयाला, तुमसे सुंदर कौन निराला। अंत समय भी नाम तुम्हारा, होठों पर बस रहे गोपाला॥ (समापन) राधे-श्याम का नाम निराला, भक्तों का है सच्चा रखवाला। श्रावण मास में कृपा बरसाओ, अपने चरणों में हमें बसाओ॥ (मुखड़ा दो बार) श्रावण में श्याम तुम्हें पुकारूँ, तेरे चरणों में शीश मैं वारूँ। जीवन की नैया तुम ही संभालो, हे नंदलाला, दर्शन दे डालो॥
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